संगति का असर

जीवन में सच्चाई और अच्छाई के संस्कार यूं ही नहीं आते, बल्कि इसके पीछे परिवार और मित्रों का बड़ा सहयोग होता है। सामाजिक प्राणी होने के नाते मनुष्य अकेला नहीं रहता। वह सुखी जीवन व्यतीत करने के लिए किसी न किसी का संग-साथ जरूर करता है। कोई भी व्यक्ति जैसी संगति में रहता है उसी के अनुरूप उसकी आदतों और व्यवहार में परिवर्तन होता है। संगति अच्छी भी हो सकती है और बुरी भी। जिसको अच्छी संगति मिल गई तो उसका जीवन सुखपूर्वक बीतता है, लेकिन संगति बुरी हुई तो जीवन दुखदाई हो जाता है। मनुष्य जैसी संगति में रहता है, उस पर वैसा ही प्रभाव पड़ता है। इसलिए सदैव अच्छे लोगों की संगति करना चाहिए, जिससे सफलता और कल्याण का मार्ग प्रशस्त हो।